EPS (Earnings Per Share) का मतलब ?

कंपनी ने अपने प्रत्येक साधारण (Equity) शेयर पर कितना मुनाफा कमाया।

आसान उदाहरण-

मान लो किसी कंपनी का:

  • साल का कुल Profit = ₹100 करोड़
  • Preference Dividend = ₹10 करोड़
  • कुल Equity Shares = 10 करोड़

तो,

EPS = (Net Profit – Preference Dividend) ÷ Equity Shares

= (₹100 करोड़ – ₹10 करोड़) ÷ 10 करोड़

= ₹9 प्रति शेयर

इसका मतलब है कि कंपनी ने अपने हर इक्विटी शेयर पर ₹9 की कमाई की।

Preference Dividend क्यों घटाते हैं?

क्योंकि Preference Shareholders का लाभ पहले तय होता है। Equity Shareholders के लिए जो मुनाफा बचता है, उसी से EPS निकाला जाता है।

EPS ज्यादा होना अच्छा है?

आमतौर पर हाँ, क्योंकि:

  • कंपनी ज्यादा मुनाफा कमा रही है।
  • भविष्य में डिविडेंड और ग्रोथ की संभावना बेहतर हो सकती है।

लेकिन केवल EPS देखकर निवेश नहीं करना चाहिए। साथ में यह भी देखें:

  • Sales Growth
  • Profit Growth
  • Debt
  • Cash Flow
  • ROE, ROCE
  • Valuation (जैसे P/E Ratio)

याद रखने की एक लाइन:

EPS = एक शेयर पर कंपनी की कमाई (Earning Per Share)।

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